सिरमौर में शिक्षा की नई रोशनी, अंधेरे में जुगनू की तरह चमक रहा 'भरोसा', पांच गांवों के गरीब बच्चों का संवार रहा भविष्य

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रोज 15 मिनट नैतिक शिक्षा के लिए होते हैं, जहां ईमानदारी, अनुशासन, बड़ों का सम्मान, छोटों से प्यार, सहयोग, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे संस्कारों पर चर्चा होती है।