रोज 15 मिनट नैतिक शिक्षा के लिए होते हैं, जहां ईमानदारी, अनुशासन, बड़ों का सम्मान, छोटों से प्यार, सहयोग, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे संस्कारों पर चर्चा होती है।