इस साल 26 सितंबर 2026 से भाद्रपद पूर्णिमा के साथ महालय श्राद्ध पक्ष की शुरुआत हो रही है, जो 10 अक्टूबर (आश्विन अमावस्या) तक चलेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार करीब 60 साल (1966 के बाद) बाद 6 प्रमुख ग्रहों की दुर्लभ स्थिति के कारण यह पितृ पक्ष आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी है। 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के दिन शनिश्चरी अमावस्या और दुर्लभ 'गजछाया योग' का महासंगम हो रहा है।