32 किलोमीटर लंबा यह प्रमुख मार्ग हाटपिपल्या क्षेत्र को सीधे देवास, इंदौर और बैतूल से जोड़ने का काम करेगा। इस मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के लगभग 70 हजार से अधिक ग्रामीण आबादी को आवागमन में सुविधा मिलेगी।