Dol Gyaras 2026: क्यों मनाई जाती है डोल ग्यारस, इसे परिवर्तिनी, जलझूलनी, वामन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है

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जलवा पूजा को कुआं पूजा भी कहते हैं। इस ग्यारस को परिवर्तिनी एकादशी, जलझूलनी एकादशी, वामन एकादशी के नाम से भी जन्माष्टमी के बाद आने वाली एकादशी को जलझूलनी एकादशी कहते हैं। इस दिन शाम होते ही मंदिरों में विराजमान देवताओं की मूर्तियां चांदी, तांबे, पीतल से बने विमानों में भक्ति धुनों पर इकट्ठा होने लगती हैं। ज़्यादातर विमान भक्तों के कंधों पर होते हैं।जाना जाता है।