CDSCO ने जारी की बड़ी चेतावनी, बगैर पर्चे की दवा से फेल हो सकती है किडनी

Wait 5 sec.

अगर आप भी हल्का सा सिरदर्द, बदन दर्द या बुखार होने पर मेडिकल स्टोर से सीधे जाकर पेनकिलर या एंटीबायोटिक गोलियां खा लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा रेड अलर्ट है. देश की सबसे बड़ी दवा नियामक संस्था CDSCO (सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन) ने दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाओं के अंधाधुंध इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए एक कड़ा सर्कुलर जारी किया है. सरकार ने चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टरी सलाह के इन दवाओं का लगातार सेवन इंसान को क्रोनिक किडनी डिजीज का मरीज बना रहा है.पेनकिलर और एंटीबायोटिक्स से किडनी को सीधा खतरास्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना जरूरत या लंबे समय तक पेनकिलर और हैवी एंटीबायोटिक्स लेने से किडनी के टिश्यूज को गंभीर नुकसान पहुंचता है. CDSCO के सर्कुलर में साफ कहा गया है कि इन दवाओं का अनियंत्रित उपयोग किडनी फेलियर जैसी खतरनाक स्थितियों को न्योता दे रहा है. इसके अलावा, बार-बार बिना वजह एंटीबायोटिक खाने से शरीर में 'एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस' बढ़ जाता है, जिसका सीधा मतलब है कि भविष्य में गंभीर बीमारी होने पर शरीर पर दवाएं असर करना बंद कर देती हैं.बिना पर्चे के दवा बेचने वाले मेडिकल स्टोर्स पर कसेगा शिकंजादवाओं के इस जानलेवा दुरुपयोग को रोकने के लिए CDSCO ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. अब बिना डॉक्टर के वैध पर्चे के मेडिकल स्टोर संचालक पेनकिलर और एंटीबायोटिक्स नहीं बेच सकेंगे. सर्कुलर में कहा गया है कि इन दवाओं की बिक्री केवल मेडिकल सुपरविजन में ही होनी चाहिए. इसके लिए देश भर के ड्रग इंस्पेक्टरों और राज्य दवा नियंत्रकों को कड़े कदम उठाने और नियमों का पालन न करने वाले मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.यह भी पढ़ें: Dirty Dishes Overnight: क्या आप भी रातभर पानी में भिगोते हैं बर्तन? जानें डरावनी सच्चाईजनता के लिए सलाह: खुद से न बनें डॉक्टर, जान को न डालें जोखिम मेंस्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे छोटी-मोटी तकलीफों के लिए खुद से दवाइयां न लें. किसी भी तरह का दर्द या इन्फेक्शन होने पर सबसे पहले किसी योग्य डॉक्टर से परामर्श करें. डॉक्टर द्वारा लिखी गई खुराक को ही तय समय तक लें. अपनी मनमर्जी से दवा की खुराक बढ़ाना या आधी-अधूरी छोड़ना आपकी किडनी और ओवरऑल सेहत के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है.यह भी पढ़ें: Rubella Virus In Jharkhand: झारखंड में मिला रूबेला वायरस, जानें लक्षण और बचाव का तरीका