करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य पीठ से जुड़ी ज्ञान परंपरा, तंत्र-मंत्र, साधना और वैदिक साहित्य के अध्ययन एवं शोध को व्यवस्थित मंच उपलब्ध कराना होगा।