Bathroom Door Water Barrier Strip Installation Guide: अगर बाथरूम में नहाने या पानी इस्तेमाल करने के बाद पानी दरवाजे के बाहर निकल आता है, तो यह सिर्फ फर्श गीला होने की समस्या नहीं है. बार-बार बाहर आता पानी धीरे-धीरे दरवाजे के आसपास की दीवार, फर्श और पेंट को नुकसान पहुंचा सकता है. कई बार इसी वजह से नमी, सीलन, पेंट उखड़ने और बदबू जैसी परेशानियां भी शुरू हो जाती हैं.अच्छी बात यह है कि हर बार इस समस्या को ठीक करने के लिए फर्श या दीवार तोड़ने की जरूरत नहीं होती. सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पानी बाहर क्यों आ रहा है. सही वजह पता चल जाए तो कई मामलों में बिना बड़ी तोड़फोड़ के भी समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है.बाथरूम का पानी दरवाजे के बाहर क्यों आता है?बाथरूम से पानी बाहर आने की सबसे आम वजह पानी की सही निकासी न होना है. अगर फर्श का ढलान ड्रेन की तरफ ठीक नहीं है, तो पानी एक जगह जमा होने लगता है और धीरे-धीरे दरवाजे की तरफ बढ़ सकता है. इसके अलावा दरवाजे के नीचे पर्याप्त वाटर बैरियर या थ्रेशोल्ड न होने पर भी पानी आसानी से बाहर निकल जाता है.कई बार फर्श की टाइल्स के बीच की ग्राउटिंग खराब हो जाने से पानी नीचे जाने लगता है. लगातार नमी के कारण ग्राउट में छोटे-छोटे गैप बन सकते हैं, जिनसे पानी फर्श की दूसरी जगहों तक पहुंच सकता है. अगर बाथरूम की वॉटरप्रूफिंग सही तरीके से नहीं हुई है, तो समस्या और बढ़ सकती है. पाइप या फिटिंग में लीकेज भी इसका एक कारण हो सकता है. ऐसे में सिर्फ दरवाजे के पास पानी रोकने की कोशिश करने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी.पहले पता करें पानी कहां से बाहर आ रहा हैपानी को रोकने से पहले उसके स्रोत को समझना जरूरी है. नहाने के बाद अगर पानी सिर्फ दरवाजे के पास जमा होकर बाहर आता है, तो फर्श के ढलान और दरवाजे की सीलिंग की जांच करें. अगर पानी दीवार या टाइल्स के किनारे से लगातार आता रहता है, तो ग्राउटिंग या पाइपलाइन में समस्या हो सकती है. वहीं नीचे वाले कमरे की छत पर सीलन, पानी के निशान या पेंट उखड़ने लगे हैं, तो यह अंदर छिपे लीकेज का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में केवल ऊपर से सीलेंट लगाने के बजाय लीकेज की सही जगह की जांच कराना जरूरी है. जरूरत पड़ने पर डाई टेस्ट, इंफ्रारेड या अल्ट्रासोनिक लीकेज डिटेक्शन जैसी तकनीकों से भी समस्या का पता लगाया जा सकता है.बिना तोड़फोड़ के पानी को बाहर आने से कैसे रोकें?अगर पाइप में कोई बड़ा लीकेज नहीं है और समस्या मुख्य रूप से पानी के दरवाजे की तरफ आने की है, तो कुछ आसान उपाय किए जा सकते हैं. सबसे पहले दरवाजे के निचले हिस्से और फर्श के जॉइंट को अच्छी तरह साफ करें. वहां जमा गंदगी, पुराना सीलेंट या खराब ग्राउट पानी के रास्ते को बढ़ा सकता है. सफाई के बाद पूरी जगह को अच्छी तरह सूखने दें.इसके बाद बाथरूम के दरवाजे के निचले हिस्से पर वाटरप्रूफ डोर सील या उपयुक्त रबर सील लगाई जा सकती है. यह पानी को सीधे बाहर आने से रोकने में मदद करती है. दरवाजे के फर्श से मिलने वाली जगह पर वाटरप्रूफ सीलेंट का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, लेकिन सतह साफ और सूखी होना जरूरी है. अगर पानी दरवाजे के पास फर्श से बाहर निकलता है, तो वाटर बैरियर या छोटा थ्रेशोल्ड भी उपयोगी हो सकता है. इससे पानी को बाथरूम के अंदर ही रखने में मदद मिलती है और वह ड्रेन की तरफ जा सकता है.खराब ग्राउटिंग को नजरअंदाज न करेंटाइल्स के बीच ग्राउट टूट गई है या उसमें छोटे गैप दिखाई दे रहे हैं, तो पानी उन जगहों से अंदर जा सकता है. ऐसी स्थिति में खराब ग्राउट को हटाकर प्रभावित हिस्से की दोबारा ग्राउटिंग करना जरूरी हो सकता है. हर स्थिति में पूरी टाइल्स निकालने की जरूरत नहीं होती. समस्या अगर सीमित हिस्से में है, तो उसी हिस्से की मरम्मत से काम चल सकता है. हालांकि, अगर टाइल्स के नीचे लगातार पानी जमा हो रहा है या वॉटरप्रूफिंग खराब है, तो विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है.इसे भी पढ़ें- क्या आपके कमरे में भी आती हैं छिपकलियां? जानें भगाने का सही तरीकाकब सिर्फ घरेलू उपाय काफी नहीं होंगे?अगर बाथरूम इस्तेमाल किए बिना भी नमी दिखाई देती है, दीवार पर लगातार सीलन रहती है, नीचे की छत पर पानी के निशान बन रहे हैं या पाइप से लगातार पानी रिस रहा है, तो इसे सिर्फ दरवाजे की समस्या मानकर न चलें. ऐसे मामलों में लीकेज का सोर्स ढूंढना जरूरी है. पाइपलाइन की खराबी होने पर संबंधित हिस्से की मरम्मत करनी पड़ सकती है. वहीं वॉटरप्रूफिंग में गंभीर समस्या होने पर एक्सपर्ट की मदद की जरूरत पड़ सकती है.इसे भी पढ़ें- Snakes In Monsoon: मानसून में घर के पास क्यों आते हैं जहरीले सांप? जानें बचाव के तरीके