आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय के पते पर 58 व्यवसायों और जीएसटी रजिस्ट्रेशन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आप विधायक और दिल्ली आप के प्रधान सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और जीएसटी विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक सरकारी बंगले और राजनीतिक दल के आधिकारिक पते पर किस तरह धड़ल्ले से फर्जी और संदिग्ध कंपनियां रजिस्टर्ड कर दी गईं। सरकारी पते पर कैसे हुआ रजिस्ट्रेशन- सौरभ भारद्वाज ने बताया कि जुलाई 2026 के दौरान आम आदमी पार्टी के नेशनल ऑफिस 1, कैनिंग लेन, नई दिल्ली के पते पर 58 बिजनेस रजिस्टर किए गए और उनका बाकायदा जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी कराया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि 'वन कैनिंग लेन' एक सरकारी बंगला है, जहां कोई निजी बिजनेस न तो खरीदा जा सकता है और न ही किराए पर दिया जा सकता है, फिर ऐसा कैसे संभव हुआ? जीएसटी नंबर लेने पर कड़ी प्रक्रियाओं पर विधायक ने खड़े किए सवाल आप नेता ने कहा कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बेहद जटिल होती है। इसके लिए बिजली-पानी का बिल, प्रॉपर्टी टैक्स, मकान मालिक का रेंट एग्रीमेंट और एनओसी दिखानी पड़ती है। इसके अलावा, बिजनेस बोर्ड के साथ फोटो और कई बार अधिकारियों द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया जाता है। ऐसे में केंद्रीय एजेंसियों की नाक के नीचे सरकारी पते पर ये तमाम औपचारिकताएं कैसे पूरी हो गईं। ज्यादातर कंपनियों का काम ‘इंपोर्ट-एक्सपोर्ट’- आप विधायक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया गया कि इन सभी 58 व्यवसायों का मुख्य काम इंपोर्ट-एक्सपोर्ट दर्शाया गया है। उदाहरण के तौर पर प्रियंका आशा एंटरप्राइजेस जीएसटी नंबर: 07HKPSC9204F3ZJ सहित मोहम्मद अहमद, फैजान अहमद, मोहम्मद असद कुरैशी, अफजल, साफिया खानम, सीमा परवीन, काशिफ सिद्दीकी, सरफराज और मोहम्मद फैजान जैसे कई नामों से ये रजिस्ट्रेशन किए गए हैं। AAP का केंद्र सरकार से सीधा सवाल आप ने केंद्र सरकार से तीखे शब्दों में पूछा है कि क्या केंद्रीय एजेंसियों की शह या मिलीभगत के बिना यह मुमकिन है। पार्टी ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।