पितृ पक्ष में किया जाता है तर्पण, पिंडदान, पंचबलि कर्म, ब्राह्मण भोज, खीर, वस्त्र आदि का दान

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धार्मिक मान्यता है कि इन दिनों पितरों का स्मरण कर श्रद्धापूर्वक किए गए तर्पण और श्राद्ध से उनकी तृप्ति होती है। मृत्यु की तिथि ज्ञात न होने पर सर्वपितृ अमावस्या को ज्ञात-अज्ञात सभी पितरों के निमित्त श्राद्ध करने की परंपरा है।