पितृ पक्ष में पितरों की शांति और तृप्ति के लिए श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों में श्राद्ध के अलग-अलग प्रकार और उनके उद्देश्य बताए गए हैं।