रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के जिन विभागों में कभी पढ़ाई के साथ शोध की गतिविधियां भी जोर-शोर से होती थीं, वहां अब नियमित शिक्षकों का संकट गहराता जा रहा है। बायोसाइंस विभाग इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।