मेगास्टार अमिताभ बच्चन अक्सर सोशल मीडिया के जरिए जीवन के बड़े सवालों पर विचार करते रहते हैं. कई बार उनकी सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो जाती है और कई सवाल खड़े कर जाती है. ऐसे अब वो ब्रह्मांड के रहस्यों, विज्ञान की सीमाओं और आस्था के महत्व पर अपनी राय रखते नजर आए हैं लेकिन इस बीच वो ब्रह्मांड के रहस्यों के बीच उलझे हुए भी नजर आए.दरअसल, अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपना नया ब्लॉग शेयर किया है, जिसमें ब्रह्मांड के रहस्यों, विज्ञान की सीमाओं और आस्था के महत्व पर बात करते हुए नजर आए. ब्रह्मांड के रहस्यों को एक्टर ने भगवान से जोड़ा है. चलिए बताते हैं उन्होंने क्या लिखा.ब्रह्मांड के रहस्यों पर बोले अमिताभअभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में जीवन के प्रति सवालों पर राय साझा करते हुए लिखा, 'तारे तो चलते हैं लेकिन उनकी खोज हम सबसे दूर ही रहती है...अंतरिक्ष, आकाशगंगा और ब्लैक होल का कोई पक्का जवाब नहीं है. वो आज भी एक आकर्षण बने हुए हैं लेकिन हमसे दशकों दूर हैं और जब उनके अस्तित्व को समझने या बताने की कोशिश की जाती है, तो कोई पक्का जवाब नहीं मिलता.'उन्होंने लिखा, 'सब कुछ भगवान की कृपा पर छोड़ा जाता है या कुछ ऐसी ताकतों पर जो इसे बनाती है. शायद ऐसे तरीके से जो किसी को पता नहीं, तो अगर ये सबको पता ही नहीं होना था, तो इसे बनाया ही क्यों गया और इतनी खूबसूरती से बनाया गया. इसका अंदरूनी और बाहरी रूप हमेशा से सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है और जब भगवान के बारे में बताया जाता है, तो लाखों लोग अपने सारे दुख भूलकर बच्चों को इसके मूल्यों के बारे में सिखाते हैं और इस तरह आस्था और भी बढ़ती जाती है.'48 साल की हुईं दिव्या दत्ता, इन खूबसूरत लुक्स में आज भी लगती हैं बेहद ग्लैमरसआस्था और विज्ञान पर रखी रायमेगास्टार अमिताभ बच्चन ने बताया कि उन्होंने कहीं पढ़ा था कि आस्था को भी वैज्ञानिक सबूत की जरूरत होती है. उन्होंने लिखा, 'नहीं तो ये काम कैसे करेगी लेकिन इसके जवाब में कहा जाता है कि आस्था और प्रार्थना से जो सुकून और जवाब मिलते हैं, वो मशीनों और आविष्कारों की दुनिया में नहीं मिल सकते और बहुत सी ऐसी बातें हैं जिनका कोई जवाब नहीं है, इसलिए उन्हें जल्दी से भगवान से जोड़ दिया जाता है.'अंत में उन्होंने लिखा, 'वो दिव्य आत्मा जो हमें ये सब समझने और महसूस करने के लिए देती है, सिर्फ हमारे लिए नहीं बल्कि लाखों लोगों के लिए... एक ऐसी दुनिया में जो एक बटन दबाते ही जानकारी चाहती है... शायद सच्चाई कभी पता ही न चले... क्योंकि कुछ लोगों के लिए इसका अस्तित्व ही नहीं है... तब तक जब तक रिटायरमेंट का समय नहीं आ जाता.''आपको हर दिन याद करते हैं', पिता बिशन सिंह बेदी की बर्थ एनिवर्सरी पर इमोशनल हुए अंगद बेदी