दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को इंडियन कैंसर सोसाइटी के वार्षिक सेमिनार में हिस्सा लिया। कैंसर देखभाल में नवाचार और किफायत का तालमेल विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज में नई तकनीक और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं को साथ लेकर चलना जरूरी है। कार्यक्रम में इंडियन कैंसर सोसाइटी दिल्ली की अध्यक्ष ज्योत्स्ना गोविल, पद्मश्री गीता चंद्रन सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। एलजी ने कहा कि लक्षित थेरेपी, बेहतर सर्जिकल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों ने कैंसर उपचार में बदलाव किया है। चिकित्सा क्षेत्र में प्रगति तभी सार्थक होगी, जब इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कैंसर की शुरुआती जांच इलाज को किफायती बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने ब्रेस्ट, सर्वाइकल और ओरल कैंसर की समय पर स्क्रीनिंग पर जोर देते हुए कहा कि बेहतर रेफरल सिस्टम से मरीजों को सही समय पर विशेषज्ञ उपचार मिल सकता है। दिल्ली में मौजूद प्रमुख चिकित्सा संस्थानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषज्ञ अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। एलजी ने कहा कि विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और एआई तकनीक के सहयोग से भारत अपनी जरूरतों के अनुरूप उन्नत और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं विकसित कर सकता है। उन्होंने कैंसर मरीजों और उनके परिवारों को भावनात्मक, वित्तीय और काउंसिलिंग सहायता देने के लिए कैंसर सहयोग के 35 वर्षों के सेवा कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि दवाएं बीमारी का इलाज करती हैं, लेकिन मानवीय संवेदनाएं और काउंसिलिंग मरीजों को कठिन दौर से गुजरने की ताकत देती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सेमिनार के सुझावों से कैंसर जागरूकता, शुरुआती जांच, किफायती इलाज और मरीजों को भावनात्मक सहयोग देने की व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।