BRICS समिट 2026 की बताकर वायरल यह तस्वीर असली नहीं AI है

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सोशल मीडिया पर एक सेल्फी वायरल हो रही है जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ईरान के इब्राहिम रईसी दिखाई दे रहे हैं. दावा: इस तस्वीर को शेयर करने वालों का दावा है कि यह 2026 के ब्रिक्स (BRICS) समिट के दौरान ली गई सेल्फी है, जो 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है. न्यूज ऑर्गनाइजेशन 'Asianet Hindi' ने भी अपनी रिपोर्ट में इस तस्वीर को BRICS समिट की तस्वीर बताया है. इस रिपोर्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है.( ऐसे ही दावा करने वाले अन्य पोस्ट का आर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं. )लेकिन...?: यह तस्वीर AI से बनाई गई है और इसमें 2026 के BRICS समिट में दुनिया के नेताओं की असली तस्वीर नहीं दिखाई गई है. हमें सच कैसे पता चला?: वायरल हो रही तस्वीर में कुछ गलतियां साफ-साफ दिखती हैं. 2026 के BRICS समिट में ब्राजील और UAE के राष्ट्रपति शामिल नहीं हुए हैं, और न ही तुर्की के राष्ट्रपति वहां मौजूद थे. इसके बजाय, ब्राजील का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री मौरो विएरा कर रहे हैं, जबकि UAE का प्रतिनिधित्व क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान कर रहे हैं. तस्वीर में सबसे बड़ी गलती ईरान के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौजूदगी है, क्योंकि मई 2024 में एक हेलीकॉप्टर क्रैश में रईसी की मौत हो गई थी. तस्वीर में इन गलतियों की वजह से, हमने इसे AI-जनरेटेड कंटेंट डिटेक्टर से चेक किया.क्या यह AI है?: जहां Hive Moderation ने इस इमेज के AI-जनरेटेड होने की संभावना 99.9 प्रतिशत बताई, वहीं Sightengine के टूल ने इसके लिए 99 प्रतिशत स्कोर दिया.क्योंकि दोनों टूल्स ने बताया कि यह तस्वीर संभवता ChatGPT का इस्तेमाल करके बनाई गई थी, इसलिए हमने इसे OpenAI के 'Verify' टूल से चेक किया.'Verify' ने भी बताया कि यह तस्वीर OpenAI के टूल्स का इस्तेमाल करके बनाई गई है. समिट में नेताओं की असली तस्वीरें PM मोदी और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक अकाउंट्स से शेयर की गई थीं और उन्हें यहां देखा जा सकता है. (स्वाइप करें)पीएम मोदी ने यह फ़ोटो अपने X अकाउंट पर शेयर की. निष्कर्ष: सोशल मीडिया पर AI से बनी एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें यह झूठा दावा किया गया है कि यह 2026 के ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में दुनिया के नेताओं की असली सेल्फी है.