बगैर नॉनवेज खाए 90 की उम्र में बनाई बॉडी, जानिए शख्स की सेहत का राज

Wait 5 sec.

90 साल की उम्र में जहां ज्यादातर लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को आरामदायक बनाने पर ध्यान देते हैं, वहीं जापान के तोशिसुके कनाज़ावा आज भी बॉडीबिल्डिंग के मंच पर उतर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने 85 साल से ज्यादा उम्र वाली कैटेगरी में ऑल जापान मास्टर्स फिटनेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया. यह उनका 19वां नेशनल टाइटल है.खास बात यह है कि उनकी फिटनेस का एक बड़ा हिस्सा ऐसी डाइट से जुड़ा है, जिसमें वह कई दशकों से मांस और मछली नहीं खाते. ऐसे में लोग उनकी डाइट के बारे में जानना चाहते हैं. तोशिसुके केवल वेजिटेरियन खाने को ही अपनी डाइत में शामिल करते हैं. जानिए 90 की उम्र में उनकी फिटनेस का राज.मिस्टर जापान भी बनेकनाजावा का बॉडीबिल्डिंग से रिश्ता नया नहीं है. उन्होंने कम उम्र में ही इस खेल को अपनाया था और 24 साल की उम्र में मिस्टर जापान का खिताब भी जीता. इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिस्सा लिया. 1967 में उन्होंने मिस्टर यूनिवर्स प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, जहां उनकी मुलाकात उस दौर के बड़े नामों में शामिल अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर और सर्जियो ओलिविया से हुई.50 की उम्र में दोबारा बॉडीबिल्डिंग शुरु कीहालांकि, 30 की उम्र के बाद उन्होंने प्रतियोगिताओं से दूरी बना ली थी. करीब 50 साल की उम्र में उन्होंने दोबारा बॉडीबिल्डिंग शुरू की. इसकी एक वजह उनकी पत्नी भी थीं, जो उस समय बीमार रहती थीं. कनाजावा चाहते थे कि उनकी पत्नी उन्हें फिर से फिट और प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए देखें. बाद में पत्नी के निधन के बाद भी उन्होंने इस सफर को जारी रखा.यह भी पढ़ें: एक महीना केवल चिकन खाएं तो शरीर में क्या होंगे बदलाव?क्या खाते हैं 90 साल के बॉडीबिल्डर?कनाजावा की डाइट सुनने में काफी साधारण लग सकती है. उन्होंने बताया है कि करीब 50 साल की उम्र में बॉडीबिल्डिंग में वापसी के बाद उन्होंने मांस और मछली खाना छोड़ दिया था. उनके नाश्ते में आमतौर पर ब्राउन राइस, नट्टो और मिसो सूप शामिल होते हैं. नट्टो फर्मेंटेड सोयाबीन से तैयार किया जाता है और जापानी खाने में इसका इस्तेमाल काफी आम है. मिसो भी सोयाबीन से तैयार किया जाने वाला एक पारंपरिक जापानी फूड है. दोपहर और रात के खाने में भी ब्राउन राइस उनकी डाइट का हिस्सा रहता है. वह इसमें थोड़ा सा फ्यूरिकाके डालते हैं, जो जापानी सीजनिंग है. इसके अलावा वह दिन में तीन बार प्रोटीन ड्रिंक लेते हैं.फिटनेस के साथ नींद और आराम भी जरूरीकनाजावा सिर्फ खाने पर निर्भर नहीं रहते. वह नियमित ट्रेनिंग करते हैं और उम्र के हिसाब से अपनी एक्सरसाइज में बदलाव भी कर चुके हैं. अब वह पहले की तरह स्क्वैट्स और बेंच प्रेस नहीं करते, बल्कि मशीनों का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं. वह करीब दो घंटे की ट्रेनिंग करते हैं और हफ्ते में छह दिन जिम जाते हैं. उम्र बढ़ने के साथ शरीर को रिकवर होने में ज्यादा समय लगने के कारण वह सेट्स के बीच पर्याप्त आराम और करीब सात घंटे की नींद पर भी ध्यान देते हैं. उन्होंने धूम्रपान और शराब से भी दूरी बनाए रखी है. कनाजावा अपनी लंबी फिटनेस जर्नी में खान-पान, एक्सरसाइज और अनुशासन को अहम मानते हैं.90 के बाद भी रुकने का इरादा नहींकनाजावा का सफर सिर्फ उनका 19वां खिताब तक नहीं है. 90 की उम्र में भी वह प्रतियोगिताओं में आगे हिस्सा लेने का लक्ष्य रखते हैं. उनका सपना उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को समझने और डाइट व ट्रेनिंग के जरिए शरीर को लंबे समय तक एक्टिव रखने का है.यह भी पढ़ें: जानवर गंदा पानी भी पचा लेते हैं इंसान क्यों नहीं, कितना अलग है सिस्टम?