शिकायत सत्यापन में पाया गया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेशों का पालन नहीं किया गया। तहसीलदार की लिखित अनुशंसा अथवा आदेश के बिना ही अपात्र व्यक्तियों का नाम गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) सूची में जोड़ दिया गया।