चीन के विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान जैसे अपेक्षाकृत कमज़ोर देश से लड़ाई का जो अंत हुआ है उसने अमेरिका को ताइवान के मुद्दे पर भी कमज़ोर स्थिति में ला दिया है.