Gym Workout Death: वर्कआउट में पुलिस अफसर की अचानक मौत, जिम जाने वाले नोट कर लें ये बात, वरना हो सकती है दिक्कत

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Why Healthy People Die During Exercise: जिम में वर्कआउट के दौरान उत्तराखंड पुलिस के 38 वर्षीय स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप अधिकारी गिरीश भट्ट की अचानक मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सिर्फ फिट दिखना ही स्वस्थ होने की गारंटी है? एक्सपर्ट का कहना है कि रेगुलर एक्सरसाइज करने वाला व्यक्ति भी कई बार ऐसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा होता है, जिनका पता समय रहते नहीं चल पाता.दरअसल, चंपावत जिले में तैनात गिरीश भट्ट जिम में अभ्यास कर रहे थे, तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे अचानक गिर पड़े. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. उनकी मौत की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. परिवार और सहकर्मियों के लिए यह घटना गहरे सदमे की तरह है।. गिरीश भट्ट अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं.हेल्दी दिखने वाले लोगों में क्यों हो रही है दिक्कत?इस घटना के बाद एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर स्वस्थ दिखने वाले लोग भी अचानक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी का शिकार कैसे हो जाते हैं.डॉ. रचित गुलाटी ने TOI को बताया कि कि फिटनेस और स्वास्थ्य को एक जैसा मान लेना बड़ी भूल है. कई बार व्यक्ति बाहर से पूरी तरह फिट नजर आता है, लेकिन उसके शरीर में हाई ब्लड प्रेशर, अनियमित हार्ट रिद्म, आर्टरीज में रुकावट या जेनेटिक हार्ट रोग जैसी समस्याएं चुपचाप मौजूद रहती हैं. क्या शरीर पहले से देता है संकेत?डॉ. रचित गुलाटी के अनुसार, शरीर अक्सर किसी बड़ी समस्या से पहले संकेत देता है, लेकिन लोग उन्हें सामान्य थकान या मेहनत का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. वर्कआउट के दौरान या बाद में असामान्य सांस फूलना, सीने में भारीपन, चक्कर आना, दिल की धड़कन तेज महसूस होना या जरूरत से ज्यादा थकान जैसे लक्षण गंभीर चेतावनी हो सकते हैं.यह भी पढ़ें - Men Health After 40: 40 पार पुरुषों के शरीर में एक्टिव होते हैं साइलेंट किलर, जान बचानी है तो जरूर कराएं ये 4 टेस्टक्या है इसके पीछे कारण?एक्सपर्ट का मानना है कि लंबे अंतराल के बाद अचानक भारी व्यायाम शुरू करना, दूसरों से प्रतिस्पर्धा में जरूरत से ज्यादा मेहनत करना या बिना स्वास्थ्य जांच के हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट करना जोखिम बढ़ा सकता है. खासतौर पर 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, जिनके परिवार में हार्ट रोग का इतिहास रहा हो या जो डायबिटीज, मोटापा, धूम्रपान और हाई बीपी जैसी समस्याओं से जुड़े हों, उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए.किन चीजों का रखना चाहिए ध्यान?डॉ. रचित गुलाटी यह भी बताते हैं कि सुरक्षित फिटनेस के लिए सिर्फ व्यायाम ही नहीं, बल्कि पर्याप्त नींद, सही मात्रा में पानी पीना, वॉर्म-अप, कूल-डाउन और वर्कआउट के बीच उचित रिकवरी भी उतनी ही जरूरी है. सोशल मीडिया पर दिखने वाली अत्यधिक मेहनत वाली फिटनेस संस्कृति हर किसी के लिए सही नहीं होती.इसे भी पढ़ें- भूलने की आदत होगी दूर, योग से याददाश्त रहेगी एकदम लोहे जैसी मजबूत, एम्स स्टडी में खुलासाDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.