जरूरत की खबर- FSSAI की मानसून सेफ्टी गाइडलाइंस:किचन, कुकिंग और पर्सनल हाइजीन से लेकर बच्चों की हेल्थ और सेफ्टी के जरूरी टिप्स

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बारिश का मौसम गर्मी से राहत देता है। लेकिन बारिश आते ही खानपान और साफ-सफाई से जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क भी बढ़ जाता है। बारिश में नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग, दस्त, उल्टी और स्टमक इंफेक्शन के मामले बढ़ जाते हैं। थोड़ी-सी लापरवाही भी बीमारी की वजह बन सकती है। ऐसे में पर्सनल हाइजीन और खानपान का खास ख्याल रखना जरूरी है। ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (FSSAI) ने मानसून में बीमारियों से बचने के लिए जरूरी फूड सेफ्टी गाइडलाइन जारी की है। इसमें किचन की सफाई, पर्सनल हाइजीन और खाने को सही तरीके से स्टोर करने से जुड़ी सावधानियां बताई गई हैं। इसलिए, ‘जरूरत की खबर’ में आज हम FSSAI की मानसून फूड सेफ्टी गाइडलाइन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. आशीष मेहरोत्रा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड क्रिटिकल केयर, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर सवाल- FSSAI ने मानसून के लिए फूड सेफ्टी गाइडलाइन जारी की है। ये गाइडलाइन क्या कहती है? जवाब- FSSAI ने अपनी गाइडलाइन में पर्सनल हाइजीन, फूड स्टोरेज और किचन की साफ-सफाई पर खास ध्यान देने की बात कही है। जैसेकि- सवाल- इस गाइडलाइन की जरूरत क्यों है? जवाब- मानसून में ज्यादा नमी और गंदगी के कारण बैक्टीरिया, फंगस और वायरस तेजी से पनपते हैं। इस दौरान पानी और खाना जल्दी दूषित हो जाता है। इससे फूड पॉइजनिंग, डायरिया और अन्य संक्रमण का रिस्क बढ़ता है। ऐसे में लोगों को हेल्थ सेफ्टी से जुड़ी सही जानकारी देने के लिए गाइडलाइन जरूरी है ताकि वे बीमारियों से बचाव कर सकें। सवाल- मानसून में इन्फेक्शन और बीमारियों का रिस्क क्यों बढ़ता है? जवाब- बारिश में तापमान और नमी के उतार-चढ़ाव के कारण इम्यूनिटी कमजाेर हो जाती है। इससे बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है। 1. बारिश का पानी जमना बारिश का रुका हुआ पानी मच्छरों के पनपने की आदर्श जगह बन जाता है। इसमें डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मच्छर पनपते हैं। 2. नमी में कीटाणुओं का पनपना हवा में बढ़ी नमी बैक्टीरिया, वायरस और फंगस की ग्रोथ को बढ़ावा देती है। 3. पानी और खाने में संक्रमण बारिश का पानी अक्सर गंदगी, सीवर और कचरे के संपर्क में आकर दूषित हो जाता है। मानसून में पानी और खाद्य पदार्थ आसानी से संक्रमित हो सकते हैं। 4. धूप कम निकलना कम धूप मिलने से कई रोगाणु लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं। 5. इम्यूनिटी कमजोर होना तापमान और नमी में बदलाव शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर करता है। सवाल- FSSAI की गाइडलाइन हाइजीन पर सबसे ज्यादा जोर देती है। सही हाइजीन मेंटेन करने के लिए किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- स्वस्थ जीवन के लिए हाइजीन बहुत जरूरी है। ये सेहत की बुनियाद है। FSSAI की एडवाइजरी में हाइजीन को इन जरूरी कैटेगरीज में बांटा गया है– आइए, अब इन हाइजीन पर बात करते हैं- किचन हाइजीन नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे किचन हाइजीन टिप्स देखिए- फूड हाइजीन नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे फूड हाइजीन टिप्स देखिए- कुकिंग हाइजीन टिप्स नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे कुकिंग हाइजीन टिप्स देखिए- वाटर हाइजीन नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे वाटर हाइजीन टिप्स देखिए- होम हाइजीन नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे होम हाइजीन टिप्स देखिए- पर्सनल हाइजीन नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे पर्सनल हाइजीन टिप्स देखिए- बच्चों के लिए हाइजीन नीचे ग्राफिक में FSSAI के सारे चाइल्ड सेफ्टी हाइजीन रूल्स देखिए- कुल मिलाकर, साफ-सफाई से जुड़ी छोटी-छोटी आदतें फूड पॉइजनिंग, दस्त, टाइफाइड, कॉलरा और अन्य इन्फेक्शन के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकती हैं। इसलिए बारिश के मौसम में हाइजीन को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं। स्वस्थ और सुरक्षित रहें। …………………………. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- अखबार में कभी न लपेटें खाना:इंक से कैंसर और फूड पॉइजनिंग का रिस्क, जानें फूड पैकेजिंग का सही और सुरक्षित तरीका अगर आपको स्ट्रीट फूड पसंद है तो आपने अखबार में लिपटे समोसे, वड़ा पाव या जलेबियां खाई ही होंगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाने–पीने की चीजों को कभी अखबार में नहीं रखना या लपेटना चाहिए? अखबार की इंक सेहत के लिए खतरनाक है। पूरी खबर पढ़ें…