प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि 23 किसानों के नाम पर 6970 क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचकर करीब एक करोड़ 83 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया गया।