आर्कटिक में बढ़ रही गर्मी ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। रिसर्च में सामने आया है कि आर्कटिक की बर्फ के नीचे छिपा कार्बन दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। साल 2050 तक यह इलाका कार्बन सोखने के बजाय उसे बाहर छोड़ना शुरू कर देगा। जानें क्या कहती है रिपोर्ट?