जलवायु परिवर्तन का असर अब विकसित देशों के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी भारी पड़ने लगा है। इस समय पूरा यूरोप भीषण और जानलेवा 'हीटवेव' (गर्मी की लहर) की चपेट में है।