ऐसे में सोने-चांदी के दाम में बढ़ोतरी होना चाहिए थी लेकिन फिर भी ये कीमती धातुएं तेजी से नीचे आई है। दरअसल महंगाई बढ़ने के चलते फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ने के संकेत देना है।