एनसीईआरटी ने नौवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में आपातकाल के दौर और चारों वेदों को शामिल किया है। इस बदलाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में घमासान तेज हो गया है। जहां भाजपा इसे इतिहास को जानने का आवश्यक माध्यम मान रही है, वहीं कांग्रेस इसे बच्चों के भविष्य के साथ राजनीतिक खिलवाड़ और इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की साजिश बता रही है।