शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर प्रस्ताव पारित कर अवैध लाभ प्राप्त करने और शासन की योजनाओं एवं राशि के दुरुपयोग के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए।