वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यही है- "मैं रोज वॉक करता हूं, जिम जाता हूं, डाइट भी कंट्रोल करता हूं, फिर भी वजन नहीं घट रहा।" ऐसे में अक्सर लोग अपनी मेहनत पर ही सवाल उठाने लगते हैं। लेकिन सच ये है कि वेट लॉस सिर्फ कैलोरी बर्न करने का खेल नहीं है। वजन घटाने के लिए शरीर के अंदर चल रही उन प्रक्रियाओं को समझना भी जरूरी है, जो फैट स्टोरेज, भूख, एनर्जी और मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती हैं। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में वेटलॉस का साइंस समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- रोज एक्सरसाइज करने के बावजूद वजन नहीं घट रहा, इसकी क्या वजह हो सकती है? जवाब- इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे- सवाल- अगर एक्सरसाइज के बाद भी वजन नहीं घटे तो क्या चेक करना चाहिए? जवाब- इसके लिए इन चीजों को चेक करना जरूरी है- 1. कैलोरी इनटेक ज्यादा तो नहीं? 2. कैलोरी बर्न का अनुमान गलत तो नहीं? 3. नींद पूरी हो रही है या नहीं? 4. ज्यादा स्ट्रेस तो नहीं? 5. कोई मेडिकल कारण तो नहीं? संक्षेप में नीचे ग्राफिक में देखिए कि वेट लाॅस नहीं हो रहा, तो और क्या चेक करना चाहिए- सवाल- वेट लॉस के लिए सिर्फ एक्सरसाइज करना पर्याप्त क्यों नहीं है? जवाब- इसके लिए एक्सरसाइज के साथ कई फैक्टर्स पर काम करना जरूरी है। सवाल- लोग वेट लॉस के लिए कैलोरी ट्रैक करते हैं। कैलोरी ट्रैकिंग क्या है और ये क्यों काफी नहीं है? जवाब- कैलोरी ट्रैकिंग का मतलब है- दिनभर में खाए-पिए फूड्स और ड्रिंक्स से मिली कैलोरीज का हिसाब रखना। इसका उद्देश्य यह समझना है कि हम जितनी कैलोरीज ले रहे हैं, उसके मुकाबले शरीर कितनी कैलोरीज खर्च कर रहा है। सिर्फ कैलोरी ट्रैकिंग काफी क्यों नहीं है? हर कैलोरी एक जैसी नहीं: 500 कैलोरी जंक फूड और 500 कैलोरी पौष्टिक भोजन का शरीर पर असर अलग हो सकता है। नींद का असर: कम या खराब नींद भूख बढ़ा सकती है और जंक फूड की क्रेविंग बढ़ सकती है। स्ट्रेस का प्रभाव: तनाव में लोग इमोशनल ईटिंग करने लगते हैं। मेटाबॉलिज्म में फर्क: हर व्यक्ति का शरीर कैलोरी को अलग तरीके से यूज करता है। फिजिकल एक्टिविटी और रिकवरी: एक्सरसाइज, मसल्स का लेवल और रिकवरी टाइम भी वेट लॉस को प्रभावित करता है। सवाल- वजन घटाने के लिए सबसे जरूरी चीज क्या है? जवाब- वेट मैनेजमेंट में ‘इंसुलिन’ महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह तय करने में मदद करता है कि बॉडी एनर्जी का इस्तेमाल कैसे करेगी और एक्स्ट्रा एनर्जी को कैसे स्टोर करेगी। सवाल- इंसुलिन लो रखने के लिए क्या करें? जवाब- इसके लिए ग्राफिक में दी गई इन बातों का ध्यान रखें- सवाल- इंसुलिन कम करने के लिए डाइट प्लान कैसा होना चाहिए? जवाब- इंसुलिन कंट्रोल करने के लिए ऐसी डाइट पर फोकस करें, जिससे ब्लड शुगर स्थिर बना रहे। नीचे दिए ग्राफिक में लो इंसुलिन डाइट प्लान देखिए- सवाल- कौन सी एक्सरसाइज इंसुलिन कम करने में मददगार हैं? जवाब- रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में मदद करती है। इससे सेल्स इंसुलिन का बेहतर इस्तेमाल कर पाती हैं। ग्राफिक में देखिए, इसके लिए कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए- सवाल- वेट लॉस के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करने चाहिए? जवाब- लाइफस्टाइल में ये जरूरी बदलाव करें- सवाल- वजन घटाने के लिए अच्छी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट कितना जरूरी है? जवाब- यह क्रिटिकल है। अगर नींद और स्ट्रेस पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो वेट लॉस की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। सवाल- क्या किसी बीमारी या हेल्थ कंडीशन के कारण भी वजन घटाने में मुश्किल हो सकती है? जवाब- हां, कुछ हेल्थ कंडीशंस वजन घटाने को मुश्किल बना सकती हैं। ग्राफिक में सभी हेल्थ कंडीशंस देखिए- सवाल- क्या महिलाओं और पुरुषों में वजन घटाने की रफ्तार अलग होती है? जवाब- हां, दोनों की रफ्तार अलग होती है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- मेनोपॉज के बाद वजन घटाना मुश्किल क्यों हो जाता है? जवाब- इस दौरान शरीर में हॉर्मोनल और मेटाबॉलिक बदलाव होते हैं। जैसेकि- एस्ट्रोजन लेवल कम होने से पेट के आसपास फैट बढ़ सकता है। मसल्स कम होने से मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है। शरीर की कैलोरी की जरूरत घट सकती है। नींद की समस्याएं और हॉट फ्लैशेज वेट मैनेजमेंट को प्रभावित कर सकते हैं। इंसुलिन सेंसिटिविटी में बदलाव हो सकता है।………………ये खबर भी पढ़िएजरूरत की खबर- सुंदरता के लिए इंजेक्शन लगवाना:CDSCO ने बताया गैरकानूनी, नर्व डैमेज और एलर्जिक रिएक्शन का रिस्क, इससे दूर रहें हाल ही में ‘सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन’ (CDSCO) ने साफ किया है कि कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स को इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ है और ऐसी प्रैक्टिसेज पर सख्ती जरूरी है। आगे पढ़िए...