विभाजन के समय सिंधु घाटी के ज़्यादातर पुरावशेष दिल्ली में रखे हुए थे. चूंकि यह सब पाकिस्तान के इलाक़े से खोजे गए थे, इसलिए पाकिस्तान ने इनकी वापसी की मांग की.