नरहरपुर विकासखंड के एक हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव में हालात ऐसे हैं कि मोबाइल पर बात करने के लिए ग्रामीणों को मकानों की छतों, पेड़ों और हाईमास्ट लाइट के पोल का सहारा लेना पड़ता है।