Gym vs Yoga: आजकल दिल से जुड़ी बीमारियां दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में डॉक्टर नियमित रूप से एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि दिल को हेल्दी रखने के लिए जिम बेहतर है या योगा. कुछ लोग जिम में वर्कआउट करना पसंद करते हैं तो कुछ योग को सबसे अच्छा तरीका मानते हैं.हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इन दोनों की तुलना करना सही नहीं है, क्योंकि दोनों ही अलग-अलग तरीके से दिल की सेहत को फायदा पहुंचाते हैं. अगर दोनों को सही तरीके से अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाया जाए तो इसका फायदा और भी ज्यादा मिलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि एक्सपर्ट के मुताबिक दिल की सेहत के लिए जिम और योगा में क्या बेहतर है. जिम और योगा में क्या बेहतर है?एक्सपर्ट के अनुसार, जिम और योगा दोनों ही दिल को हेल्दी रखने के लिए जरूरी माने जाते हैं. हालांकि, दोनों का काम करने का तरीका अलग है. एक्सपर्ट का कहना है कि किसी एक को चुनने की जगह बेहतर है कि दोनों को अपनी फिटनेस रूटीन में शामिल किया जाए.जिम करने से दिल को कैसे मिलता है फायदा?जिम में की जाने वाली एक्सरसाइज जैसे तेज चलना, जॉगिंग, साइक्लिंग, रोइंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दिल की फिटनेस को बेहतर बनाने में मदद करती हैं. नियमित रूप से इस तरह की एक्सरसाइज करने से दिल मजबूत होता है और पूरे शरीर में खून पहुंचाने का काम बेहतर तरीके से कर पाता है. जिम वर्कआउट से दिल की कार्यक्षमता बेहतर होती है. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है. साथ ही कोलेस्ट्रॉल को बैलेंस रखने में सही होता है. इसके अलावा वजन को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है. हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा कम हो सकता है. इसके साथ ही शरीर की स्टैमिना और सहनशक्ति बढ़ती है. एक्सपर्ट के अनुसार, नियमित कार्डियो एक्सरसाइज करने से दिल मजबूत होता है और उसे शरीर के सभी हिस्सों तक ऑक्सीजन वाला खून पहुंचाने के लिए कम मेहनत करनी पड़ती है. योगा क्यों है दिल के लिए जरूरी?योगा का फोकस शरीर को फ्लेक्सिबिल बनाने, सही तरीके से सांस लेने, संतुलन बनाए रखने और मानसिक शांति पर होता है. हालांकि योगा से कार्डियो एक्सरसाइज जितनी एरोबिक फिटनेस नहीं मिलती, लेकिन यह दिल की सेहत के लिए कई दूसरे तरीकों से फायदेमंद माना जाता है. योगा तनाव और चिंता कम करने में मदद करता है.स्ट्रेस हार्मोन को कम करने में सहायक होता है.साथ ही शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी और पोस्चर बेहतर बनाता है और सांस लेने की क्षमता में सुधार करता है. इसके अलावा अच्छी नींद लेने में मदद करता है. विशेषज्ञों के अनुसार, तनाव भी दिल की बीमारियों का एक बड़ा कारण माना जाता है. योगा मन और नर्वस सिस्टम को शांत रखकर इस जोखिम को कम करने में मदद करता है.क्या सिर्फ योगा करने से दिल हेल्दी रह सकता है?एक्सपर्ट का कहना है कि योगा के कई शारीरिक और मानसिक फायदे जरूर हैं, लेकिन केवल योगा करने से शरीर को उतनी एरोबिक एक्टिविटी नहीं मिलती, जिससे दिल की सहनशक्ति में बड़ा सुधार हो सके. विशेषज्ञों के मुताबिक, हेल्दी लोगों को हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट तक मीडियम स्पीड वाली एक्सरसाइज, जैसे तेज चलना, जॉगिंग या साइकिल चलाना, करनी चाहिए. साथ ही बेहतर फिटनेस और दिल की अच्छी सेहत के लिए योग के साथ दूसरी फिजिकल एक्टिविटी भी करना जरूरी माना जाता है. यह भी पढ़ें - Health Tips: बाजार में सिर्फ 2 महीने के लिए आता है यह फल, बीपी से लेकर शुगर और लीवर तक रहेगा एकदम फिटदिल को हेल्दी रखने के लिए कैसी होनी चाहिए एक्सरसाइज रूटीन?कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि जिम और योगा में से किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं है. बेहतर होगा कि दोनों को अपनी फिटनेस रूटीन का हिस्सा बनाया जाए. जिसमें एक बैलेंस फिटनेस प्लान में तेज चलना, जॉगिंग, साइक्लिंग या स्विमिंग जैसी एरोबिक एक्सरसाइज, हफ्ते में कम से कम दो दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, साथ ही शरीर की रिकवरी और तनाव कम करने के लिए योगा. इसके अलावा रोजाना स्ट्रेचिंग और ब्रीदिंग एक्सरसाइज शामिल होना चाहिए. इस तरह की रूटीन दिल के साथ-साथ मांसपेशियों, शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी और मेंटल हेल्थ को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करती है.यह भी पढ़ें - नकली दवाओं का खेल खत्म! अब कैंसर, एंटीबायोटिक और टीकों पर QR कोड अनिवार्य, सरकार का बड़ा फैसलाDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.