बेघर महिलाओं के लिए क्या हैं रात के मायने, महरौली रेप के बाद बीबीसी की पड़ताल

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सड़क किनारे सोना उनके लिए हर रात एक नए डर के साथ सोने जैसा है. कभी मौसम की मार उनकी नींद छीन लेती है, तो कभी तेज़ रफ्तार गाड़ियों के रौंद देने का ख़तरा मंडराता रहता है, लेकिन सबसे गहरा डर छेड़छाड़ और रेप का है.