सिंहस्थ की तैयारियों के लिए उज्जैन और आसपास के जिलों में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अधोसंरचना परियोजनाएं संचालित हैं, जिनका सीधा लाभ उज्जैन के साथ इंदौर, देवास, रतलाम, शाजापुर और मंदसौर को भी मिलेगा।