निजी बस संचालकों में चल रही वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई है। सूचीबद्ध बदमाश को अब सवारियों से भरी बसें हाईजेक कर रहे है। जब चाहों तब कांच फोड़ डालते हैं। चार थानों के बीच अभी तक पांच बसों में तोड़फोड़ हो चुकी है।