कैलाश विजयवर्गीय के बयान से पुराना विवाद फिर से ताज़ा हो गया है. यह बहस पुरानी है कि सरकारी कर्मचारियों को आरएसएस जैसे संगठन की गतिविधियों में शामिल होना चाहिए या नहीं.