निर्जला एकादशी भगवान विष्णु की कृपा, सभी पापों से मुक्ति और मोक्ष प्राप्ति के लिए मनाई जाती है। यह सबसे कठोर एकादशी है, जिसमें बिना अन्न और जल (निर्जल) उपवास रखा जाता है।