आपातकाल: नाखून खींचे, बच्चों को जेल में डाला गया...इमरजेंसी के वो काले किस्से, जिन्होंने हिला दिया था पूरा देश

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25 जून 1975 को घोषित आपातकाल के 21 महीनों में विरोध की आवाजों को दबाया गया, हजारों लोगों को जेल में डाला गया और प्रेस की स्वतंत्रता पर भी अंकुश लगाया गया। उस दौर की यादें आज भी लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिवारों को सिहरा देती हैं।