शहर के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सड़क पर बिछाए गए डामर की मोटाई निर्धारित मानक से कम होने का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्य का विरोध किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि ठेकेदार फर्म के कर्मचारियों के साथ मारपीट की नौबत आ गई।