नशा मुक्त भारत के साथ 'ड्रग-फ्री वीक' का समापन:रामदास अठावले और श्रीवर्धन त्रिवेदी ने युवाओं को नशे से दूर रहने का किया आह्वान

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अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'ड्रग-फ्री वीक' का समापन समारोह उत्साह और सामाजिक जागरूकता के माहौल में संपन्न हुआ। 'हग्स लाइफ होलिस्टिक' मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से सामाजिक कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, नशा मुक्ति विशेषज्ञों और युवाओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने अपने विशिष्ट काव्यात्मक अंदाज में युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, "जो नशे की राह पर चलता है, उसका जीवन कष्टों से भर जाता है, जबकि नशामुक्त जीवन ही आशा और खुशहाली का मार्ग है।" युवाओं में सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया प्रेरक वक्ता एवं अभिनेता श्रीवर्धन त्रिवेदी ने दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियों के माध्यम से युवाओं में सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है और समाज को नशामुक्त बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उनके संबोधन ने सभागार में मौजूद युवाओं और नशामुक्ति की राह पर चल रहे लोगों में नया आत्मविश्वास जगाया। कार्यक्रम में वर्ष 2026 की थीम "विश्व मादक पदार्थ समस्या: लगातार बनी चुनौतियां, नई चुनौतियां और नवाचार आधारित समाधान" पर विस्तार से चर्चा हुई। मानसिक स्वास्थ्य, जागरूकता, पुनर्वास और समाज की भूमिका पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। विशेष सत्र 'कैंसर: सिर्फ एक शब्द नहीं...' में धर्मशिला अस्पताल के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. रंजीत कुमार पाधियारी ने मुख कैंसर, उसके कारणों और आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी दी। कार्यक्रम की खास बातें… -डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में 'ड्रग-फ्री वीक' का समापन।-केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और मोटिवेशनल स्पीकर श्रीवर्धन त्रिवेदी ने युवाओं को किया प्रेरित।-मानसिक स्वास्थ्य, पुनर्वास और नशामुक्ति पर विशेषज्ञों की विस्तृत चर्चा।-कैंसर विशेषज्ञों ने तंबाकू से होने वाले मुख कैंसर के प्रति किया जागरूक।-नशे से उबर चुके लोगों ने साझा किए संघर्ष और सफलता के प्रेरक अनुभव।