एमपी में देवास–भोपाल कॉरिडोर बन रहा है स्मार्ट हाईवे कॉरिडोर, इन्फ्रारेड स्कैनर और RFID के ज़रिए हर रिकॉर्ड होता है ऑटो वैरिफाई

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ऊपर से दिखने वाली तकनीक का कोई मतलब नहीं, जब तक नीचे की सड़क उसका बोझ न सह सके। इसीलिए देवास–भोपाल कॉरिडोर के पेवमेंट के लिए खास तौर पर वे सामग्री चुनी गई हैं, जो इस इलाके की परिस्थितियों के लिए उपयुक्त हैं।