याचिकाओं में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, कानून मंत्री, सांसद को भी पक्षकार बनाया गया है। कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।