मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता की दलील थी कि स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के भर्ती नियमों में शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग निर्धारित है।