शारदीय नवरात्र में माता टेकरी मां तुलजा भवानी और चामुंडा माता की आराधना में डूबेगी। श्रद्धालु देवी के दरबार में शीश नवाएंगे, आस्था के दीप जलेंगे और पहाड़ी पर भक्ति का उजास बिखरेगा। इसी टेकरी से जुड़ी एक कहानी ऐसी भी है, जो करीब 114 साल पहले एक अंग्रेज लेखक को देवास खींच लाई थी।