हिंदू एकता और जनजागृति के लिए बागेश्वर धाम से पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में रथयात्रा शुरू हुई। इसमें कई संत शामिल हुए और सनातनियों को एकजुट करने का आह्वान किया।