पानी में मौजूद सड़न-गलन वाली जैविक वस्तुओं, जलीय खरपतवारों और छोटे जीवों को खाकर जल को स्वच्छ बनाए रखने में मदद करते हैं। यही कारण है कि इन्हें 'वॉटर क्लीनिंग वर्कर' भी कहा जाता है।