आज महिलाओं में एनीमिया, थायराइड, हार्मोनल असंतुलन, मानसिक तनाव, हड्डियों की कमजोरी, मधुमेह और थैलेसिमिया जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।