डीके शिवकुमार ने कर्नाटक विधानसभा में खुद बताया था कि कैसे उन्होंने 1999 में मंत्री बनने के लिए आधी रात को एसएम कृष्णा का दरवाज़ा खटखटाया था. तिहाड़ जेल से मुख्यमंत्री पद तक उनका सियासी सफ़र कई नाटकीय मोड़ों से भरा रहा है.