बिलासपुर के निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना सिर्फ कागजों और होर्डिंग्स तक सिमट कर रह गई है। अस्पतालों द्वारा बीमारियों और सरकारी पैकेज की सूची सार्वजनिक नहीं करने से गरीब मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं।