12वीं के छात्र वेदांत ने आरोप लगाया था कि उन्होंने री-इवैल्यूएशन प्रोसेस के तहत जो स्कैन कॉपी डाउनलोड की वो उनकी नहीं है. इसके बाद जहां कई लोगों ने उन्हें सपोर्ट किया, वहीं कुछ लोगों ने उनकी ऑनलाइन ट्रोलिंग भी की थी.