पुणे के खड़कवासला में शनिवार को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) का 150वीं पासिंग आउट परेड हुई। इस दौरान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्प्रिंग टर्म 2026 की परेड की सलामी ली। वे इस कार्यक्रम में 'रिव्यूइंग ऑफिसर' के तौर पर शामिल हुए। इस सेरेमनी के साथ 355 कैडेट भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल हो गए। इस दौरान कैडेट्स ने मार्च पास्ट किया। फ्लाईपास्ट में Su-30 MKI लड़ाकू विमान, चेतक हेलिकॉप्टर, सारंग हेलिकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम और आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम जनरल द्विवेदी के लिए महत्वपूर्ण था। वे NDA के 65वें कोर्स के पूर्व कैडेट रह चुके हैं। समीक्षा अधिकारी के रूप में अपनी पुरानी संस्था में वापस लौटे थे। वे 'चार्ली स्क्वाड्रन' में थे। आर्मी चीफ ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक पैमाना बनाया है कि भारत उकसावे पर कैसे जवाब देता है। कैडेट्स अपने सैन्य करियर की शुरुआत से ही इसे बनाए रखें। इसकी नींव NDA में रखी जाती है। परेड की 5 तस्वीरें… द्विवेदी बोले- भविष्य में युद्ध आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी लड़े जाएंगे जनरल द्विवेदी ने कहा कि भविष्य के युद्ध केवल जमीन, हवा और समुद्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि साइबर, अंतरिक्ष और अन्य आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी लड़े जाएंगे। सेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय सेना डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन पहल के तहत खुद को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है। इसके तहत नई तकनीकों और आधुनिक सैन्य ढांचे को बढ़ावा दिया जा रहा है।