‘मौत का पुल’: अंधेरी रात, आंधी-तूफान और नीचे बिछी लाशें, शोर में दब गईं आखिरी चीखें तक, रुला देंगी ये तस्वीरें

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हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे ने कई परिवारों को जिंदगीभर का दर्द दे दिया। स्वासा गांव निवासी राजेंद्र सिंह के लिए यह कभी न भरने वाला जख्म बन गया। तेज आंधी और बारिश के बीच वह अपने बेटे पुष्पेंद्र की आखिरी चीख तक नहीं सुन सके।