मॉनसून के करीब आते ही शुक्रवार को कई राज्यों में तापमान 40°C से नीचे पहुंच गया। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश-आंधी और ओले गिरे। बिहार में औरंगाबाद, गया, सारण और खगड़िया जिलों में बिजली गिरने से आठ लोगों की जान गई। वहीं पश्चिम बंगाल के छह जिलों में बारिश में घर और बिजली गिरने से जुड़ी घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और तेज बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। शुक्रवार को सहारनपुर में तेज बारिश इनोवा-ट्रैक्टर समेत 10 गाड़ियां बह गईं। बाइक मलबे में दब गईं। 2 टूरिस्ट की मौत हो गई। राजस्थान के जयपुर समेत 6 जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। दौसा में आंधी में हाईटेंशन लाइन का टावर गिर गया। इस दौरान वहां से गुजर रही स्कॉर्पियो कार तारों में उलझ कर पलट गई। हादसे में गाड़ी में सवार सभी चारों लोग सुरक्षित हैं। वहीं देहलाल गांव में दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई। छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव देश में सबसे गर्म रहा। यहां पारा 46°C दर्ज किया गया। मानसून 7 दिनों में केरल पहुंचेगा इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 7 दिनों में केरल पहुंच सकता है। हालांकि विभाग ने इस साल मानसून के सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान भी जताया है। IMD के मुताबिक जून से सितंबर तक देश में औसतन सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इस बार मानसून की बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 90% रह सकती है। देश में सामान्य मानसूनी बारिश का औसत 87 सेंटीमीटर माना जाता है। मौसम विभाग ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत में सामान्य बारिश हो सकती है, लेकिन बाकी कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। खासकर बारिश पर निर्भर खेती वाले इलाकों में मानसून कमजोर रह सकता है। राज्यों से बारिश-ओले गिरने की तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल 31 मई: 1 जून: